पालमपुर के मदर्स टच स्कूल में ‘युग गाथा’ से सजी भारतीय संस्कृति
पालमपुर के मदर्स टच स्कूल में ‘युग गाथा’ से सजी भारतीय संस्कृति

Author : Rajesh Vyas

Oct. 16, 2026 5:57 p.m. 109

पालमपुर, राजेश व्यास। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर स्थित मदर्स टच स्कूल में वार्षिक समारोह उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य विषयवस्तु ‘युग गाथा: समय के सफर की कहानी’ रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और जीवन मूल्यों को मंच पर प्रस्तुत किया। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों ने इस आयोजन में भाग लेकर अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। समारोह में कंडवाड़ी वाले स्वामी अमर ज्योति जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एन. ले कालिया ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

सतयुग से कलियुग तक की यात्रा मंच पर प्रस्तुत

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग की विशेषताओं को अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया। इन प्रस्तुतियों में भारतीय पौराणिक परंपराओं, आदर्शों और समय के साथ समाज में आए बदलावों की झलक देखने को मिली। नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी उम्र के अनुरूप उत्साह, आत्मविश्वास और मेहनत के साथ मंच पर भागीदारी की। उनके अभिनय और सामूहिक प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला। Palampur News के लिहाज से यह आयोजन शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को भी सामने लाता है।

बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मिला मंच

मदर्स टच स्कूल के वार्षिक समारोह का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना भी रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, समूह में काम करने, अनुशासन सीखने और दर्शकों के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने और अपनी परंपराओं को समझने में मदद मिलती है। कार्यक्रम की प्रस्तुतियों में बच्चों की तैयारी, अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन की भूमिका भी दिखाई दी।

प्रिंसिपल बृंदुला करोल और टीम के प्रयासों की सराहना

समारोह को सफल बनाने में स्कूल की प्रिंसिपल बृंदुला करोल, गोपिका करोल और प्रेरणा करोल के प्रयासों की सराहना की गई। बच्चों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए तैयार करना और उन्हें मंच पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देना स्कूल प्रबंधन तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन को दर्शाता है। विद्यालय की गतिविधियों में शैक्षणिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और नैतिक विकास को स्थान देना बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी कला और रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर दिया।

Read Also: चंबा में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संदेश

‘युग गाथा’ की विषयवस्तु के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि समय के साथ समाज और जीवनशैली में बदलाव होते रहते हैं, लेकिन सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का महत्व बना रहता है। बच्चों को अपनी परंपराओं से परिचित कराना उनके विकास का एक अहम हिस्सा है। कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों को भी आमंत्रित किया गया। स्कूल की ओर से उम्मीद जताई गई कि मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा और उपलब्धियों को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश