कंगना रणौत को विक्रमादित्य सिंह की नसीहत, दिल्ली में 1500 करोड़ मांगने को कहा
कंगना रणौत को विक्रमादित्य सिंह की नसीहत, दिल्ली में 1500 करोड़ मांगने को कहा

Post by : Himachal Bureau

Aug. 14, 2026 11:34 a.m. 127

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भाजपा सांसद कंगना रणौत और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। कंगना रणौत के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने उन्हें राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों पर बयान देने से पहले पूरी जानकारी हासिल करने की सलाह दी। शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र और प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सांसद को गंभीर विषयों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए। मंत्री ने कंगना रणौत के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पहले संबंधित विषय की पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और उसके बाद अपनी बात रखनी चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी साधा निशाना

विक्रमादित्य सिंह ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए। मंत्री के अनुसार, प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगाया गया उपकर राज्य सरकार की ओर से सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में लगाया गया उपकर गरीब परिवारों और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए खर्च किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और इस विषय पर भी व्यापक चर्चा की जरूरत है।

इथेनॉल को लेकर भी उठाए सवाल

लोक निर्माण मंत्री ने वाहनों में इथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण कुछ वाहनों के इंजन और उनकी औसत दूरी तय करने की क्षमता को लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ईंधन से जुड़े ऐसे मुद्दों पर भी सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विषयों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

हिमाचल की 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि का मुद्दा

विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश में आपदा के बाद राहत पैकेज के रूप में घोषित 1500 करोड़ रुपये की राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान हिमाचल का दौरा किया था और राहत के लिए 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। मंत्री के अनुसार, उनके मुताबिक यह राशि अभी तक हिमाचल प्रदेश को प्राप्त नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा सांसद कंगना रणौत से दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश के हित में बात रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि सांसद हिमाचल के लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें केंद्र के सामने प्रदेश की लंबित मांगों को उठाना चाहिए।

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हिमाचल के हितों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज

कंगना रणौत और विक्रमादित्य सिंह के बीच राजनीतिक बयानबाजी पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। दोनों नेता अलग-अलग मुद्दों पर एक-दूसरे के बयानों पर प्रतिक्रिया देते रहे हैं। अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों, इथेनॉल और आपदा राहत राशि को लेकर एक बार फिर दोनों के बीच राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। विक्रमादित्य सिंह ने अपने बयान के जरिए भाजपा सांसद को प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाने की सलाह दी है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में हिमाचल की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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