ज्वालामुखी में धनत्रयोदशी की धूम, मंदिरों और बाजारों में उमड़ी भीड़
ज्वालामुखी में धनत्रयोदशी की धूम, मंदिरों और बाजारों में उमड़ी भीड़

Post by : Shivani Kumari

Oct. 18, 2025 2:08 p.m. 1471

18 अक्टूबर 2025, दोपहर 2:09 IST को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी में धनत्रयोदशी और भगवान धन्वंतरि जयंती का उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर और आसपास के बाजारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। यह पर्व दीपावली श्रृंखला का पहला दिन है, जो धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है। स्थानीय समुदाय में उत्साह का माहौल है, जहां लोग माता ज्वालामुखी के दर्शन के साथ-साथ खरीदारी में व्यस्त हैं। यह उत्सव धार्मिक महत्व के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है।

सुबह से मंदिर परिसर में श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर गूंज उठा है पूजा-अर्चना और भक्ति भजनों से। लोग भगवान धन्वंतरि का आह्वान कर रोगमुक्ति और धन-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। बाजारों में भी चहल-पहल बरकरार है, जहां श्रद्धालु सोने-चांदी के आभूषण, तांबे-पित्तल के बर्तन, और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं। यह परंपरा धन्वंतरि जयंती से जुड़ी है, जिसमें धातु की खरीदारी को समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

मंदिर में विशेष अनुष्ठान आयोजित हो रहे हैं, जिसमें कलश स्थापना का महत्वपूर्ण स्थान है। श्रद्धालु घरों में कलश स्थापित कर उसमें त्रिफला चूर्ण, आंवला, हरड़ और बेहड़ा डाल रहे हैं। अगले दिन इस जल से स्नान करने और घर में छिड़काव करने की प्रथा है, जो रोग और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाने के लिए शुभ मानी जाती है। मंदिर परिसर में भी इसी तरह के अनुष्ठान चल रहे हैं, जो श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना रहे हैं।

ज्वालामुखी के बाजारों में खरीदारी का दौर जोरों पर है। दुकानें सजी हैं, और ग्राहकों की भीड़ से रौनक छाई हुई है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि इस बार खरीदारी में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो दीपावली की तैयारियों का संकेत देती है। हालांकि, भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, जिसमें पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई असुविधा न हो।

मंदिर न्यास के पुजारी अविनेद्र शर्मा ने श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते हुए कहा, "धनत्रयोदशी पर कलश स्थापना कर त्रिफला चूर्ण डालना शुभ है। अगले दिन उस जल से स्नान करने से स्वास्थ्य लाभ होता है।" उन्होंने दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त पर भी जानकारी दी। "शास्त्रों के अनुसार, दीपावली का पूजन रात्रि में करना शुभ है। इस वर्ष अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर की रात्रि से 21 अक्टूबर सुबह तक रहेगी, इसलिए 20 अक्टूबर की रात्रि को माता लक्ष्मी का पूजन करें। घर में दीप जलाएं, मंत्र जाप करें, और उनके प्रिय व्यंजन अर्पित करें, जिससे सुख और समृद्धि बनी रहे।

अविनेद्र शर्मा ने X पर भी पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं, "शक्तिपीठ ज्वालामुखी में दीपावली पूजन इस वर्ष बड़े हर्ष के साथ मनाया जाएगा। संध्या में मंदिर प्रांगण में सैकड़ों दीप प्रज्वलित होंगे।" यह मार्गदर्शन तिथि संबंधी भ्रम को दूर कर रहा है और श्रद्धालुओं को सही दिशा दे रहा है।

ज्वालामुखी शक्तिपीठ हिमाचल का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां माता ज्वालामुखी की ज्योति पूजा का विशेष महत्व है। धनत्रयोदशी इस पर्व को धन्वंतरि जयंती के साथ जोड़ता है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना को दर्शाता है। कांगड़ा क्षेत्र में यह उत्सव ग्रामीण और शहरी समुदायों को एकजुट करता है। इस वर्ष भी कोविड प्रोटोकॉल के साथ भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पर्व दीपावली की तैयारियों को गति देता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।

18 अक्टूबर 2025, दोपहर 2:09 IST तक यह उत्सव जारी है, और शाम तक मंदिर और बाजारों में रौनक और बढ़ने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की भीड़ से लगता है कि यह पर्व आने वाले दिनों में और भव्य रूप लेगा। यह उत्सव न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, जो दीपावली की चमक को और उजागर करता है। सभी को धनत्रयोदशी और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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