बिलासपुर में बनेगा ‘हवाई अड्डा टर्मिनल 34’, 5 करोड़ की योजना
बिलासपुर में बनेगा ‘हवाई अड्डा टर्मिनल 34’, 5 करोड़ की योजना

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 16, 2026 12:20 p.m. 110

मनाली की ओर जाने वाले पर्यटकों को जल्द ही हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में रुकने का एक नया विकल्प मिल सकता है। चंडीगढ़ और पंजाब की ओर से कीरतपुर साहिब के रास्ते हिमाचल पहुंचने वाले यात्रियों के लिए हवाई अड्डा टर्मिनल 34 नाम की एक अनोखी पर्यटन परियोजना की परिकल्पना की गई है। इसमें विमान के अंदर रेस्तरां, मनोरंजन गतिविधियां और खरीदारी की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो बिलासपुर हाईवे पर पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन सकता है।

मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य

इस प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई है। इसे मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक समय-सीमा वित्तीय व्यवस्था, निर्माण कार्य और जरूरी अनुमतियों पर निर्भर करेगी। इस योजना का उद्देश्य केवल भोजन की सुविधा देना नहीं, बल्कि यात्रियों को कुछ समय रुककर मनोरंजन करने और स्थानीय संस्कृति से परिचित होने का अवसर देना भी है।

विमान के अंदर बनेगा रेस्तरां

परियोजना की सबसे खास परिकल्पना विमान के अंदर रेस्तरां बनाने की है। विमान को एयर इंडिया की रंग-शैली में तैयार करने का विचार है। प्रवेश द्वार पर भी ऐसा अनुभव देने की योजना है, जिससे आगंतुकों को हवाई अड्डे पर प्रवेश करने और विमान में सवार होने जैसा एहसास हो। बिलासपुर पर्यटन को बढ़ावा देने की इस कोशिश में विमान का स्वरूप लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बन सकता है। परिवारों, बच्चों और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखकर इस स्थान पर अलग-अलग गतिविधियां उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

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गो-कार्टिंग, गेम जोन और 12 दुकानें भी होंगी

योजना के अनुसार, विमान के नीचे गो-कार्टिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा गेम जोन और 12 व्यावसायिक दुकानें बनाने का भी प्रस्ताव है। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को कुछ समय तक यहां रुकने के लिए प्रोत्साहित करना है। दुकानों के माध्यम से स्थानीय कारोबारियों को अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिल सकता है। वहीं, मनोरंजन की सुविधाएं इस स्थान को सामान्य भोजन केंद्र से अलग पहचान देने में मदद कर सकती हैं।

शुद्ध शाकाहारी भोजन के साथ हिमाचली व्यंजनों पर जोर

प्रस्तावित रेस्तरां में पूरी तरह शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। यहां हिमाचली धाम, माह की दाल, मक्की की रोटी और अन्य स्थानीय व्यंजन परोसने की परिकल्पना की गई है। इससे मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को हिमाचली खानपान का अनुभव मिल सकता है। हिमाचली व्यंजन इस परियोजना की पहचान का अहम हिस्सा बन सकते हैं और स्थानीय भोजन को नए लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

लगभग 150 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य

परियोजना पूरी तरह विकसित होने पर करीब 150 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में हिमाचल प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। रेस्तरां, दुकानों और मनोरंजन सुविधाओं के संचालन से अलग-अलग प्रकार के काम के अवसर पैदा हो सकते हैं। कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी कुछ योजनाओं पर भी विचार किया गया है। इनमें कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बीमा, हर तीन महीने में उत्कृष्ट कर्मचारी को स्कूटर देकर सम्मानित करना और साल में दो बार चयनित कर्मचारी को परिवार सहित तीन दिन की यात्रा पर भेजना शामिल है। इन सुविधाओं की अंतिम रूपरेखा परियोजना आगे बढ़ने के साथ तय की जाएगी।

बिलासपुर के पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान

बिलासपुर में गोविंद सागर झील, भाखड़ा बांध और श्री नैना देवी जी जैसे प्रमुख आकर्षण मौजूद हैं। ऐसे में गोविंद सागर झील और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को यह नया पड़ाव आकर्षित कर सकता है। चंडीगढ़ से मनाली की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित होने के कारण इस परियोजना में हाईवे पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल यह एक प्रस्तावित परियोजना है। इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्माण कब पूरा होता है और यात्रियों के लिए सुविधाएं किस रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि योजना जमीन पर उतरती है, तो हिमाचल प्रदेश पर्यटन को एक नया आकर्षण मिल सकता है और बिलासपुर में रोजगार तथा स्थानीय व्यापार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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