स्पीति के रंगरिक में 2 करोड़ से बनेगा बालिका छात्रावास, CM सुक्खू की घोषणा
स्पीति के रंगरिक में 2 करोड़ से बनेगा बालिका छात्रावास, CM सुक्खू की घोषणा

Post by : Himachal Bureau

Oct. 16, 2026 11:37 a.m. 111

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पीति घाटी के रंगरिक गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बालिकाओं के लिए नया छात्रावास बनाने के लिए दो करोड़ रुपये देने और गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने का ऐलान किया। इन कदमों का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्र में रहने वाले लोगों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

रंगरिक में बालिकाओं के छात्रावास के लिए दो करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री ने रंगरिक स्थित सरकारी विद्यालय के छात्रावास का औचक निरीक्षण किया और वहां रह रही छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से उनके रहने की व्यवस्था और रोजमर्रा की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने छात्रावास में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने नए बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा से छात्राओं को रहने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को यह भरोसा भी दिलाया कि छात्रावास से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। इनमें चारदीवारी का निर्माण, दो बहुउद्देशीय कर्मचारियों और एक महिला वार्डन की तैनाती तथा पानी की कमी को दूर करना शामिल है।

स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा

रंगरिक गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने मौजूदा स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया जा सकेगा। स्पीति घाटी जैसे दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करना लोगों को अपने गांव और आसपास ही आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।

‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार के सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत रंगरिक का दौरा किया। उन्होंने गांव में रात बिताई और स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने मंजुश्री में लोगों की शिकायतें भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों में जाकर लोगों के बीच समय बिताने का उद्देश्य उनकी वास्तविक कठिनाइयों और जरूरतों को करीब से समझना है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाई जाएं।

स्थानीय परिवार ने पारंपरिक तरीके से किया स्वागत

रंगरिक प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सोनम फुंसुक के घर पर रुके। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और उन्हें स्थानीय भोजन परोसा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जानना जरूरी है, ताकि उनकी जरूरतों के अनुसार समाधान किए जा सकें। राज्य सरकार बजट और विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम कर रही है।

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वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से भी मिले मुख्यमंत्री

रंगरिक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री वृद्धाश्रम भी पहुंचे। यहां उन्होंने बुजुर्गों से बातचीत की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मुलाकात के जरिए उन्होंने बुजुर्गों की जरूरतों और देखभाल की व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल से जुड़े विषय शामिल रहे। रंगरिक में छात्रावास के लिए दो करोड़ रुपये देने और स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने की घोषणा से स्पीति क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

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