Post by : Himachal Bureau
चंबा सड़क हादसा ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सफर के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की अहमियत को उजागर कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो युवकों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक एक ऑल्टो कार में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
जानकारी के अनुसार यह हादसा भरमौर उपमंडल की होली तहसील के लामू–हीलिंग मार्ग पर हीलिंग नाले के समीप हुआ। दोनों युवक देर रात अपने घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मोड़ पर उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण दुर्घटना स्थल तक पहुंचना काफी कठिन था। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद वाहन तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। दुर्घटना के बाद पूरा वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 48 वर्षीय सुरेश कुमार और 35 वर्षीय संजू राम के रूप में हुई है। दोनों विवाहित थे और अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों तक पहुंची, घरों में मातम पसर गया। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में घटनास्थल और मृतकों के घर पहुंचे तथा शोक व्यक्त किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को खाई से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पहाड़ी सड़क, अंधेरा और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की वजह हो सकता है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
Read Also: हमीरपुर आयुर्वेदिक अस्पताल को 26.17 लाख खर्च की मंजूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर फिसलन, पत्थर गिरने और दृश्यता कम होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और यात्रा से पहले सड़क तथा मौसम की जानकारी अवश्य लें। छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम और मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट