Post by : Himachal Bureau
सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने वाले सोनम वांगचुक ने अपनी लंबी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला उस समय सामने आया जब अस्पताल में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और आंदोलन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद सकारात्मक बातचीत होने की जानकारी सामने आई, जिसके उपरांत सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। पिछले कई दिनों से जारी इस भूख हड़ताल को लेकर देशभर में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। उनके समर्थक लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे थे, जबकि चिकित्सकों की टीम भी अस्पताल में उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही थी। लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनकी चिकित्सकीय निगरानी लगातार जारी रखी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान Sonam Wangchuk, Hunger Strike, JP Nadda, Jitendra Singh, और Ladakh से जुड़े विषय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बने रहे और लोगों की नजर इस आंदोलन के अगले कदम पर बनी रही।
अस्पताल में हुई मुलाकात के दौरान नेताओं और सोनम वांगचुक के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच संवाद सकारात्मक माहौल में हुआ और आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी। इसी के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मुद्दों को लेकर उन्होंने आंदोलन शुरू किया था, वे अभी भी उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि इन विषयों पर लोकतांत्रिक तरीके से संवाद और प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक अनशन पर रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दे रहे थे। भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद अब उन्हें धीरे-धीरे सामान्य आहार और चिकित्सकीय देखरेख में रखा जाएगा ताकि उनका स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य हो सके। डॉक्टरों ने उन्हें पर्याप्त आराम करने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह भी दी है।
भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली। कई सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब संबंधित मुद्दों पर सकारात्मक संवाद आगे बढ़ेगा और समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का भी मानना है कि संवाद के माध्यम से किसी भी विवाद का समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा जनहित से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाना रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित विषय समाप्त हो गए हैं। इन मुद्दों पर आगे भी बातचीत, विचार-विमर्श और सकारात्मक प्रयास जारी रहेंगे। उनके इस निर्णय के बाद अब सभी की निगाहें सरकार और संबंधित पक्षों के बीच होने वाले आगामी संवाद और संभावित निर्णयों पर टिकी हुई हैं।
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