Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में भारत सरकार के FSSAI के तहत FoSTaC प्रोग्राम का एक विशेष Food Safety Training Camp आयोजित किया गया। इस ट्रेनिंग में होटल, ढाबा, मिठाई की दुकान, किराना स्टोर और रेहड़ी-फड़ी चलाने वाले लगभग 50 व्यापारी शामिल हुए, जिन्होंने सुरक्षित भोजन तैयार करने और बेचने की महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
इस ट्रेनिंग में व्यापारियों को समझाया गया कि भोजन को 4°C से कम तापमान में रखना क्यों जरूरी है और 30°C – 40°C के बीच के तापमान को “Danger Zone” क्यों कहा जाता है। इसके अलावा, उन्हें बताया गया कि 63°C से ऊपर बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और ताजा खाना कितने घंटे में consume करना चाहिए।
व्यापारियों को यह भी जानकारी दी गई कि खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले Cooking Oil को कितनी बार दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और Trans Fat की सीमा 25% क्यों महत्वपूर्ण है। साथ ही, Kitchen Hygiene, ड्रैस कोड, हेल्थ चेकअप और खाने के पैकेजिंग पर Labeling Rules का पालन करना कितना जरूरी है, इस पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
हिमाचल फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने इस ट्रेनिंग को स्पॉन्सर किया है और पूरे प्रदेश में 3500 से अधिक व्यापारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह ट्रेनिंग उन सभी के लिए जरूरी है जो होटल, ढाबा, मिठाई की दुकान, फास्ट फूड स्टॉल या रेहड़ी-फड़ी चलाते हैं और अपने व्यवसाय में सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना चाहते हैं।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से व्यापारी न केवल कानूनों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी समझ पाएंगे, बल्कि अपने ग्राहकों को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन देने में भी सक्षम होंगे। इस प्रकार, Food Safety और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए व्यापार को बढ़ाना अब और आसान हो जाएगा।
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