Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के कोटखाई क्षेत्र के शवाल में आयोजित वार्षिक मेले में इस बार भी लोगों ने हिमाचली संस्कृति की भव्य झलक देखी। यह मेला हर साल आस्था और परंपरा के साथ मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस बार भी मेले में देवी-देवताओं की पालकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं।
मेले के दौरान देव नृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मेले में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। लोग देवी-देवताओं के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे। पूरे आयोजन ने हिमाचल की लोक संस्कृति को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
इस मेले की खास बात यह रही कि यहां हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुए और सभी ने मिलकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया। ढोल-नगाड़ों की थाप और देव नृत्य ने माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। सोशल मीडिया पर भी इस मेले की तस्वीरें और दृश्य तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
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