Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भूस्खलन की घटना सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के कई इलाकों में पहाड़ों के दरकने की घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं। ताजा मामला किन्नौर जिले के पोवारी क्षेत्र का है, जहां आवासीय मकानों के नीचे भारी भूस्खलन हुआ है। इस घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पोवारी में अचानक जमीन खिसकने लगी और मकानों के नीचे का हिस्सा प्रभावित हो गया। भूस्खलन के कारण लोगों को अपने घरों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।
इससे एक दिन पहले शिमला के संजौली-ढली बाईपास पर भी भारी भूस्खलन हुआ था। वहां पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा था, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
बरसात का मौसम शुरू होते ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश और कमजोर होती पहाड़ियों के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों में लगातार दरारें पड़ने और जमीन खिसकने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन समय रहते जरूरी कदम उठाएगा, ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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