65 वर्षीय पिता को बेटी ने दिया जीवनदान, सफल हुआ लीवर ट्रांसप्लांट
65 वर्षीय पिता को बेटी ने दिया जीवनदान, सफल हुआ लीवर ट्रांसप्लांट

Author : Ritesh Kumar Sood

May 23, 2026 12:10 p.m. 166

बेटी है अनमोल का वाक्यांश इस छोटे से परिवार ने सजीव कर दिखाया है। डॉ. कृतिका शर्मा ने अपने 65 वर्षीय पिता प्रवीण शर्मा को अपना लीवर का हिस्सा दान कर नई जिंदगी दे दी। प्रवीण शर्मा कुछ वर्षों से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और हाल के महीनों में उनकी हालत गंभीर रूप से बिगड़ने लगी थी।

पारिवारिक चिंता बढ़ती देख कृतिका ने चिकित्सकीय सलाह, विस्तृत जांच और सभी संभावित जोखिमों को समझने के बाद यह निस्वार्थ निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए पिता का जीवन सबसे अहम था। डॉक्टरों ने सभी जोखिमों के बारे में बताया, पर हमें भरोसा था कि यह सही कदम है।”

सर्जरी दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, वैशाली में की गई। यहाँ रोबोटिक सर्जिकल प्रणाली की मदद से ऑपरेशन अधिक सटीक और कम इनवेसिव तरीके से पूरा हुआ। सर्जरी का नेतृत्व प्रसिद्ध लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गुप्ता ने किया, जबकि डॉ. राजेश डे, डॉ. एस. श्रीजीत और डॉ. मुकेश कुमार की टीम ने सहयोग किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सर्जरी सफल रही और दोनों—डोनर और रिसीवर—ने तेज रिकवरी के संकेत दिखाए। वर्तमान में उन्हें पोस्ट-ऑप निगरानी में रखा गया है।

इस कठिन समय में परिवार की सबसे ठोस कड़ी बनीं प्रवीण शर्मा की पत्नी सर्वेश शर्मा। उन्होंने हर मोड़ पर अपने पति और परिवार का साथ दिया। अस्पताल से लेकर घर तक, उन्होंने हर जिम्मेदारी खुद संभाली। अपने स्वास्थ्य पर असर आने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और परिवार को मानसिक व भावनात्मक रूप से संभाले रखा। पड़ोसी और क्षेत्रीय लोग उनके समर्पण और धैर्य की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं।

स्थानीय समाज में यह घटना प्रेरणा बनकर उभरी है। लोग इसे सिर्फ मेडिकल सफलता नहीं, बल्कि पारिवारिक प्रेम, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल मान रहे हैं। चिकित्सकों ने भी कहा कि बढ़ती मेडिकल तकनीक, खासकर रोबोटिक मदद से लिवर ट्रांसप्लांट की जटिलताएँ कम हुई हैं और डोनर तथा रिसीवर दोनों के लिए लाभदायक परिणाम मिल रहे हैं।

परिवार ने क्षेत्रवासियों का आभार जताया और लोगों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य संकट में घबराने के बजाय विशेषज्ञों की राय लें और डोनर और ट्रांसप्लांट जागरूकता बढ़ाएँ। अस्पताल के प्रतिनिधि ने बताया कि दोनों की स्थिति स्थिर है और उन्हें नियमित फॉलो-अप के तहत स्वस्थ किया जा रहा है। यह कहानी न केवल मेडिकल और टेक्नोलॉजी की सफलता की मिसाल है, बल्कि यह दिखाती है कि परिवार, प्यार और त्याग किसी भी जीवन संकट में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #स्वास्थ्य एवं जीवनशैली #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
सोलन-शिमला हाईवे पर बड़ा हादसा टला, सड़क पर पलटी निजी बस विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक में सड़क निर्माण और विकास योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री से की चर्चा हिमाचल में लोकायुक्त संस्था की कार्यप्रणाली और जनहित मामलों पर राज्यपाल से चर्चा राज्यपाल ने ‘शौर्यबोध’ कविता संग्रह का विमोचन कर लेखक संजीव वर्मा को दी शुभकामनाएं कंगना रनौत ने शादी की खबरों पर दी सफाई, वायरल तस्वीर की बताई सच्चाई चुनावों से पहले हरिपुर में अवैध शराब बरामद, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हिमाचल में हरित क्षेत्र विकास के लिए मिशन 32 प्रतिशत अभियान शुरू कुल्लू में कार से 7 किलो चरस बरामद, हरियाणा के दो आरोपी गिरफ्तार