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हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय (टीएमसी) टांडा के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा उपकरणों के प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कैथ लैब में बड़ी संख्या में स्टेंट, बैलून और कैथेटर पाए गए, जिनमें कुछ उपकरणों की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कार्डियोलॉजी विभाग और अमृत फार्मेसी से संबंधित शिकायतें मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने कैथ लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की मौजूदगी में उपलब्ध उपकरणों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान यह पाया गया कि कैथ लैब में जरूरत से कहीं अधिक संख्या में स्टेंट, बैलून और कैथेटर रखे गए थे। निरीक्षण में सैकड़ों की संख्या में चिकित्सा उपकरण मौजूद पाए गए, जिनमें कुछ की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी।
निरीक्षण के बाद चिकित्सा उपकरणों के भंडारण और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील चिकित्सा उपकरणों के लिए निर्धारित मानकों और नियमित निगरानी का पालन बेहद आवश्यक होता है।
अस्पताल प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि अतिरिक्त मात्रा में उपकरण क्यों रखे गए थे और एक्सपायरी अवधि पूरी होने के बावजूद वे स्टॉक में कैसे मौजूद रहे।
मामले के सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से कार्डियोलॉजी विभाग विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है और इस नई घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के दौरान संबंधित रिकॉर्ड, उपकरणों की स्थिति और भंडारण से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मरीजों का विश्वास कायम रहे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
टांडा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग की कैथ लैब में निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में स्टेंट, बैलून और कैथेटर पाए गए, जिनमें कुछ उपकरणों की एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
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