चंबा विधायक ने जमीन पर बैठकर अधिकारियों को चेतावनी दी
चंबा विधायक ने जमीन पर बैठकर अधिकारियों को चेतावनी दी

Post by : Ram Chandar

Feb. 27, 2026 3:16 p.m. 173

हिमाचल: जिला चंबा में विधायक डॉ. जनक राज ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में अचानक पहुंचकर जमीन पर बैठने का अनोखा निर्णय लिया। यह घटना दोपहर लगभग एक बजे हुई, जब विधायक बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे। इस अनियोजित आगमन ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनता दोनों को हैरान कर दिया।

जैसे ही डॉ. जनक राज कार्यक्रम स्थल पर आए, उन्होंने सीधे अधिकारियों को चेतावनी दी और कहा कि “यह लोकतांत्रिक देश है और यहाँ जनप्रतिनिधि और जनता की आवाज़ सुनी जानी चाहिए। किसी अधिकारी द्वारा इसकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उनके जमीन पर बैठते ही उपायुक्त मुकेश रेपसवाल उन्हें मंच पर बैठाने के लिए पहुंचे, लेकिन विधायक ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद जिला मार्केट अध्यक्ष ललित ठाकुर ने उन्हें मंच पर खींचकर बैठाया। वहीं, विस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी आग्रह किया कि वे मंच पर बैठें।

मंच पर बोलते हुए डॉ. जनक राज ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ अधिकारी यह सोचते हैं कि वे जनप्रतिनिधि की नहीं सुनते, लेकिन उन्हें यह बात बिलकुल भी प्रभावित नहीं करती। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनप्रतिनिधि और जनता की आवाज़ अनिवार्य रूप से सुनी जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो वह इस देश को छोड़कर कहीं और भी जा सकते हैं। डॉ. जनक राज ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह विधानसभा में भी अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद जनता और अधिकारियों ने विधायक की इस कार्रवाई को समर्थन और सराहना दी। उनके इस कदम को जनता की आवाज़, लोकतंत्र की सुरक्षा और पारदर्शिता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि जनप्रतिनिधि केवल सत्ता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद का पुल भी हैं। डॉ. जनक राज का यह कदम हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनसुनवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि डॉ. जनक राज की पहल प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मददगार होगी। इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका और जिम्मेदारी के प्रति कितने सजग हैं और वे जनता की समस्याओं और अधिकारों के लिए कितने गंभीर हैं।

इस प्रकार, डॉ. जनक राज का यह कदम न केवल चंबा, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र, जनता की आवाज़ और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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